
आओ सुनाऊं एक कहानी
एक था राजा एक थी रानी
राजा न इक कुत्ता पाला
उसके गले में पटटा डाला
रानी न इक बिल्ली पाली
नीली नीली आँखों वाली...
अगर भारतीय खानी नहीं सुननी
तो अरेबियन कहानी सुनो
अली बाबा और चालीस चोर
हाँ...मरजीना को नहीं भूलना
कहानी में वह भी जरूर होती है।
आगे बढने से पहले बताएं
क्या आपने कोई राजा या रानी देखी है
अगर हाँ तो भी
और अगर ना तो भी
उनके कुत्तों और बिल्लिओं से तो
जरूर पाला पड़ा होगा।
अगर आप किसी राजा या रानी को नहीं जानते
तो क्या कभी
आपकी मुलाकात अली बाबा या मरजीना से हुई है
अगर हाँ तो भी
और अगर नहीं तो भी
चालीस चोरों के हाथों
आपके खून पसीने की कमाई तो जरूर लुटी होगी.
पता नहीं क्यूँ
हर सभ्यता की कहानिओं में
वह चाहे यूनान हो, रोम, मिस्र, दिल्ली या बगदाद
राजा और रानी के साथ उनके कुत्तों और बिल्लिओं का
अली बाबा के साथ चालीस चोरों का
जिक्र जरूर होता है।
लेकिन मेरे दोस्त में आप से पूछता हूँ
की कल को जब में और आप इतिहास बन जायेंगे
तो क्या आप चाहेंगे की
हमारी सभ्येता की कहानियों में भी
राजा रानी के साथ
उनके कुत्ते और बिल्लिओं का
या अली बाबा और मरजीना के साथ
चालीस चोरों का जिक्र हो।
मेरे भाई यह तुम भी जानते हो
यह में भी जानता हूँ
यह राजा, रानी, अली बाबा और मरजीना भी जानती है
की
राजा रानिओं के आगे दूम हिलाने वालों से लेकर
लुटेरों के आगे आत्म समर्पण करने वालों के नाम
सभ्येताओं की कहानिया याद नहीं रखतीं।
यह हम पर है
हम गले में
पटटआ डलवाते है
दूम हिलाते है
उम्र भर की कमाई लुट वातें हैं
या एक साथ मिलकर
राजा, रानी, अली बाबा और मरजीना को
जड़ से उखाड़ने के लिए
जोर से जोर लगते हैं.