
अगर देना ही चाहते हो
तो समय से पहले हुई
बूढी और कमजोर हड्डियों को
दधीची सा बना दो
ताकि उनसे बनाये जा सकें
वह अस्त्र और शस्त्र
तो समय से पहले हुई
बूढी और कमजोर हड्डियों को
दधीची सा बना दो
ताकि उनसे बनाये जा सकें
वह अस्त्र और शस्त्र
जो असुरो पर वज्र सा प्रहार कर सकें
या ऐसा करो
प्यासे अधरों को
अगस्त्य सी प्यास दे दो
जो पी जाये सारा रुका पानी
एक ही घूँट में
और बना सके धरती पर स्वर्ग
अपनी मर्जी का
अगर ये नहीं कर सकते तो
मजदूरी करते छोटे हाथो को
दे जायो वह दिव्य विद्या
जिससे वह मार सकें
तड़का और सुबाहू को
और गिरा सकें मारीच को सो योजन दूर.
अगर सच में कुछ देना चाहते हो
तो सहारे पर टिकी टांगो को
भृगु सा स्वाभिमान दे दो
जो क्षीर सागर में
शेष शैया पर लेटए
श्री हरी पर प्रहार कर सकें।
हमें
मुठी भर अनाज
दो गज सूती कपड़ा
और
हवा में उड़ जाने वाली
टईन का छत नही चाहेये।
यकीन मानो
हमारी जरूरते अब बदल गयी है।
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