Saturday, January 15, 2011

गोर्की और गब्बर




पता नही
वह लोग जिनके पास
फौजी बूटो और खाकी वर्दी का
अभेद्य घेरा है
उन निहत्ते लोगों से
क्यों डरते है जिनके पास
अपने हक के लिए
जान देने के जूनून के सिवा
कुछ भी नहीं...
ऐसा गोर्की न कहा है।
गब्बर न भी कहा है...
जो डर गया
समझो मर गया.

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