गधे को लेट आता देख
मालिक की बगल में
हरे रंग की चैन से बंधा
डाबरमन जोर जोर से भोंकने लगा।
मालिक न खुश हो कर
डाबरमेन को एक और हड्डी दी
और गधे की पीठ को एक और बोझ।
हर मालिक न अपने गधो के लिए
किराये के डाबरमन या जर्मन शेफर्ड रखे होते हैं
जो हरे रंग की चैन का भार देख कर वफ़ादारी बदल लते हैं।
लेकिन
गधा तो गधा ही है
वह न तो कुत्ते जैसा जीवन जी सकता
है और न ही उस जैसी मौत।
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